अनिल अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने और उनके बेटे ने मिलकर यह संकल्प लिया था कि जो कुछ भी उन्होंने जीवन में कमाया है, उसका बड़ा भाग समाज के कमजोर वर्गों के लिए समर्पित किया जाएगा। बेटे के जाने के बाद यह संकल्प और भी मजबूत हो गया है और अब उनकी आगे की जिंदगी इसी उद्देश्य को पूरा करने में लगेगी।
स्कीइंग हादसे के बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, 49 वर्षीय अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन इसी बीच न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनका निधन हो गया। इस खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
समाजसेवा को जीवन का लक्ष्य
अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका और उनके बेटे का सपना एक जैसा था। वे चाहते थे कि भारत आत्मनिर्भर बने, कोई भी बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बेटे के बिना उनकी जिंदगी अधूरी जरूर लगती है, लेकिन उसके सपनों को अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा।
फोर्ब्स के अनुसार, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति लगभग 4.2 अरब डॉलर आंकी गई है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 35 हजार करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। इस संपत्ति का बड़ा हिस्सा अब सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया जाएगा।
अग्निवेश का सफर
3 जून 1976 को पटना में जन्मे अग्निवेश एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े। उन्होंने मेयो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और बाद में मेटल्स सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने फुजैराह गोल्ड जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और बाद में हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे।
निजी क्षति, गहरा दर्द
अनिल अग्रवाल ने कहा कि अग्निवेश सिर्फ उनका बेटा नहीं, बल्कि उनका सबसे करीबी दोस्त और गर्व था। उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी किरण इस अपूरणीय क्षति को स्वीकार करने की कोशिश कर रहे हैं। यह फैसला उनके लिए बेटे को श्रद्धांजलि देने जैसा है, ताकि उसकी सोच और उसके सपने समाज के लिए जीवित रह सकें।