बीकानेर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान गिरने और शीतलहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। शिक्षा निदेशक की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि अत्यधिक ठंड के दौरान बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजा जाए। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रार्थना सभा, खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि बच्चों को ठंड से होने वाली परेशानी से बचाया जा सके।
कक्षाओं में ठंड से बचाव की व्यवस्था
शिक्षा निदेशक ने स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कक्षाओं में ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था हो। साथ ही बीमार या अस्वस्थ विद्यार्थियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार समय-सारिणी और गतिविधियों में लचीलापन अपनाने की भी सलाह दी गई है।
प्राथमिक उपचार और आपात व्यवस्था अनिवार्य
एडवाइजरी के अनुसार शीतलहर या शीतघात की स्थिति से निपटने के लिए विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में प्राथमिक उपचार बॉक्स उपलब्ध होने चाहिए और उन्हें आसानी से पहुंच योग्य स्थान पर रखा जाए। इसके अलावा नजदीकी अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर विद्यालय परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गंभीर रूप से प्रभावित विद्यार्थियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था तथा जिम्मेदार शिक्षक का पूर्व चिन्हांकन भी करने को कहा गया है।
विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश
विद्यालयों में शीतलहर से बचाव से संबंधित आवश्यक सुझाव और निर्देश बैनर के माध्यम से लगाने की सलाह दी गई है। शिक्षक कक्षाओं में विद्यार्थियों को ठंड से बचाव और शीतघात के लक्षणों की जानकारी भी देंगे, ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके।
अभिभावकों से अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। यदि बच्चा अस्वस्थ है या ठंड अधिक है, तो विद्यालय भेजने से पहले स्थिति का आकलन अवश्य करें।

