बीकानेर शहर की बदहाली पर कांग्रेस का वार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
बीकानेर। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी प्रकोष्ठ ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बीकानेर की बिगड़ती हालातों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर सीधा हमला बोला। पूर्व यूआईटी चेयरमैन हाजी मकसूद अहमद और मनोज चौधरी ने आरोप लगाया कि बीकानेर आज नेतृत्वहीन और अफसरशाही के शिकंजे में जकड़ा हुआ है।
नेताओं का कहना है कि जब बीकानेर से एक प्रतिनिधि केंद्र में और जिले के विधायक राज्य सरकार में हैं, तब भी शहर का हाल बेहाल है, जो बेहद चिंताजनक है।
उठाई गईं प्रमुख समस्याएं और मांगे:
1. सड़कें और नालियों की खस्ता हालत:
बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सड़कें टूटी हुई, गड्ढों से भरी पड़ी हैं और बारिश के दौरान जलभराव आम हो गया है। बुजुर्गों व बच्चों को इससे खासा नुकसान हुआ। कांग्रेस की मांग है कि सड़कों और नालियों की तत्काल मरम्मत हो।
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2. सीवर लाइन प्रोजेक्ट में देरी और भ्रष्टाचार:
250 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट को नोएडा की टेक्नोक्राफ्ट कंपनी को दिया गया था, जिसे सितंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक 70 किमी का काम भी पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि डीपीआर की गलत प्लानिंग और बजट की कमी से प्रोजेक्ट ठप पड़ा है।
3. पुरानी जेल की ऐतिहासिक भूमि पर स्मारक की मांग:
विवेकानंद मार्ग पर स्थित पुरानी जेल जहां स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखा गया था, आज असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। कांग्रेस ने वहां स्मारक बनाने और वीर सेनानियों की यादों को संरक्षित करने की मांग की है।
4. पूर्व सरकार द्वारा मंजूर भूखंड आवंटन को लागू करने की मांग:
स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को आवंटित भूखंड अब तक नहीं दिए गए हैं। कांग्रेस ने उन्हें जल्द से जल्द आवंटित करने की मांग रखी।
5. बिजली कटौती से परेशान बीकानेर:
बीकेईएसएल कंपनी पर आरोप लगाया गया कि वह मेंटिनेंस के नाम पर मनमानी कटौती कर रही है। त्योहारों के दौरान भी बिजली गुल रहती है। कांग्रेस ने मांग की कि बिजली कटौती की नियमितता रोकी जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए।
6. चौखूं पुलिया और कर्बला अंडरब्रिज की मांग:
बीकानेर शहर में दोनों ओर की सड़कों की हालत खराब है। कांग्रेस ने पुलिया के दोनों ओर सड़क निर्माण और कर्बला के पास अंडरब्रिज निर्माण की मांग की।
7. ट्रैफिक और यातायात अव्यवस्था:
बिना नियंत्रण के वाहन, अवैध पार्किंग और नियमों की अनदेखी अक्सर हादसों का कारण बन रही है। कांग्रेस ने ट्रैफिक सिस्टम में सुधार और एकतरफा ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की बात कही।
8. आवारा पशुओं की समस्या:
केईएम रोड, स्टेशन रोड, जस्सूसर गेट, कोटगेट जैसे मुख्य इलाकों में आवारा पशु गंभीर संकट बन चुके हैं। इनसे कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। कांग्रेस ने मांग की कि इन्हें स्थायी रूप से शहर से बाहर भेजा जाए और नंदीशालाओं की व्यवस्था सुधारी जाए।
9. बीडीए गठन के बाद भी ठप पड़े विकास प्रोजेक्ट:
पत्थर मंडी, आतिश मार्केट, मिल्कमेन कॉलोनी जैसे कई विकास प्रोजेक्ट पूर्ववर्ती सरकार में स्वीकृत हुए लेकिन आज भी अधूरे हैं। न्यू बीकाणा सिटी को वीरान पड़ी आईजीएनपी कॉलोनी में बसाने की मांग भी उठाई गई।
निष्कर्ष:
कांग्रेस ने साफ किया कि वह बीकानेर की जनता की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया गया कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जन आंदोलन और धरना प्रदर्शन जैसे कदम उठाए जाएंगे।