राजस्थान में स्कूल-कॉलेज वाहनों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए नियम लागू, कड़ी कार्रवाई का ऐलान
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों के वाहनों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। 1 सितंबर से स्कूल और कॉलेज की बसों और अन्य वाहनों में पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर, GPS ट्रैकर और CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ कार्यालय में नियमों की बैठक
शुक्रवार को आरटीओ कार्यालय में यातायात पुलिस, अभिभावक संघ और बस ऑपरेटरों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें नए नियमों के पालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए। आरटीओ प्रथम अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इन नियमों के पालन के लिए पहले सात दिनों तक समझाइश दी जाएगी। इसके बाद यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो चालकों के चालान काटे जाएंगे और 16 सितंबर से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
सुरक्षित सफर अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाई जाएगी
राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सुरक्षित सफर अभियान’ के अंतर्गत स्कूल-कॉलेज प्रबंधन के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वाहन संचालन के नियमों और सुरक्षा के महत्व को समझाया जाएगा।
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स्कूल बसों की मॉनीटरिंग और चालक व कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य
आरटीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि अब सभी स्कूल और कॉलेज प्रबंधन के लिए ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही वाहनों की नियमित मॉनीटरिंग की जाएगी और परिजनों को वाहन की लाइव लोकेशन का एक्सेस भी दिया जाएगा। इससे स्कूल बसों का सही स्थान पता लगाया जा सकेगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सख्ती से लागू होंगे नियम, सुरक्षा व्यवस्था होगी पुख्ता
स्पीड गवर्नर की स्थापना से बसों की गति नियंत्रित की जाएगी, पैनिक बटन के जरिए आपात स्थिति में तुरंत मदद ली जा सकेगी, और CCTV कैमरों से पूरे सफर की निगरानी संभव होगी। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।