बीकानेर जिला अस्पताल में एंटीबायोटिक इंजेक्शन से बच्चों की तबीयत बिगड़ी, परिजनों ने किया हंगामा
बीकानेर के सेटेलाइट जिला अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बीती रात शिशु वार्ड में इलाज के दौरान छह बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों को नई सप्लाई से आए सिफोटेक्सिम एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाए गए थे। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर बच्चों में कंपकंपी, उल्टी और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे, जिससे पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
दो से आठ साल के बच्चों पर दिखा असर, एक की हालत गंभीर
बीमार बच्चों की उम्र दो से आठ वर्ष के बीच बताई जा रही है। इंजेक्शन लगते ही बच्चों में अचानक प्रतिक्रिया देखने को मिली। बच्चे जोर-जोर से रोने लगे, उल्टियां शुरू हो गईं और कुछ को तेज ठंड लगने लगी। एक बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे तुरंत पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य पांच बच्चों का मौके पर ही इलाज शुरू कर दिया गया।
अस्पताल स्टाफ ने तत्काल स्टेरॉयड और बुखार की दवाइयों के जरिए इलाज किया, जिसके बाद रात करीब 12 बजे तक सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया गया।
हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुए
बच्चों की बिगड़ती हालत देखकर उनके परिजन घबरा गए और कुछ ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच, घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस के साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष भी पहुंचे। उन्होंने तुरंत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी और ड्यूटी डॉक्टर को बुलाकर इलाज की निगरानी शुरू करवाई।
- Advertisement -
अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मामले की जांच कराई जाएगी।
नई दवा सप्लाई की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या अस्पताल में पहुंची नई दवा सप्लाई की गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है। सिफोटेक्सिम इंजेक्शन एक आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला एंटीबायोटिक है, लेकिन इससे बच्चों की हालत बिगड़ना किसी संभावित दवा गुणवत्ता घोटाले की ओर संकेत कर सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संदिग्ध बैच के इंजेक्शनों को फिलहाल उपयोग से हटा दिया गया है।