Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Reading: डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था, आरक्षण बैसाखी नहीं, सहारा है?
Share
Aa
Aa
Khabar21
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Search
  • होम
  • बीकानेर
  • राजस्थान
  • देश-दुनिया
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • धार्मिक
  • करियर
  • खेल
Follow US
Khabar21 > Blog > बीकानेर > डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था, आरक्षण बैसाखी नहीं, सहारा है?
बीकानेर

डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था, आरक्षण बैसाखी नहीं, सहारा है?

editor
editor Published April 14, 2025
Last updated: 2025/04/14 at 11:58 AM
Share
SHARE
Chat on WhatsApp
Share News

डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था, आरक्षण बैसाखी नहीं, सहारा है? जानिए असली मंशा

नई दिल्ली। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर एक बार फिर यह सवाल सामने है कि उन्होंने आरक्षण को केवल 10 वर्षों के लिए क्यों प्रस्तावित किया था और क्या वास्तव में उनकी यही मंशा थी? इस पर आज भी सामाजिक और राजनीतिक चर्चाएं होती हैं।

आरक्षण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में आरक्षण की नींव डॉ. अंबेडकर से पहले भी रखी जा चुकी थी। 1882 में हंटर आयोग के दौरान महात्मा ज्योतिराव फुले ने सभी के लिए शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण की मांग की थी। 1908 में ब्रिटिश सरकार ने पहली बार कुछ समुदायों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण दिया। यह सिलसिला आज तक जारी है।

डॉ. अंबेडकर की सोच और उद्देश्य
संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था को स्वीकार किया। उनका स्पष्ट मानना था कि जब तक समाज में बराबरी नहीं आती, तब तक समान अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है।

- Advertisement -

10 साल की समय-सीमा का सच
यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि डॉ. अंबेडकर ने आरक्षण को केवल 10 वर्षों तक लागू करने की बात कही थी। दरअसल, संविधान के अनुच्छेद 334 के तहत संसद और विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण 10 वर्षों तक निर्धारित किया गया था। यह समयसीमा संसद के संशोधनों के ज़रिए समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है।

डॉ. अंबेडकर का दृष्टिकोण
डॉ. अंबेडकर का उद्देश्य था – सामाजिक न्याय की स्थायी स्थापना। उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि आरक्षण किसी वर्ग के स्थायी लाभ का जरिया नहीं होना चाहिए, बल्कि यह एक ऐसा सहारा हो जो वंचित वर्गों को उठ खड़ा होने का अवसर दे। उनका यह कथन, “आरक्षण बैसाखी नहीं, सहारा है,” इसी सोच का परिचायक है।

वर्तमान में आरक्षण की स्थिति
आज आरक्षण केवल एक सामाजिक नीति नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। कई वर्गों के लिए यह स्थायित्व का प्रतीक बन गया है, जबकि इसकी मूल भावना सामाजिक समावेश और बराबरी थी।

निष्कर्ष
डॉ. अंबेडकर ने आरक्षण को एक स्थायी अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि एक सुधारात्मक कदम के तौर पर देखा था। उनका मानना था कि जब तक बराबरी नहीं आ जाती, तब तक विशेष अवसर देने होंगे। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा था कि इसकी समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है।

आज जब हम उनके विचारों को याद करते हैं, तो यह जरूरी है कि हम आरक्षण को उसी नजरिए से देखें – एक सहारा, जो जरूरतमंद को आगे बढ़ने का अवसर देता है, न कि पीढ़ियों तक बनी रहने वाली बैसाखी।


Share News
Chat on WhatsApp
Chat on WhatsApp

editor April 14, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print

Latest Post

बीकानेर में नकल कांड पर सख्ती, लापरवाह शिक्षिका निलंबित
बीकानेर
बीकानेर में सादगी भरी शादी, बिना दहेज एक रुपये में हुआ विवाह
बीकानेर
बीकानेर में स्कूली छात्रा से छेड़छाड़, ग्रामीणों ने मनचले को पकड़कर सिखाया सबक
बीकानेर
इंदौर में दर्दनाक हादसा: चार्जिंग के दौरान लगी आग, सात लोगों की मौत
देश-दुनिया
आज का राशिफल: नए अवसर मिलेंगे, लेनदेन में बरतें सावधानी
राशिफल
बीकानेर में पाइपलाइन फटने से घरों में घुसा पानी, सड़क भी क्षतिग्रस्त
बीकानेर
बीकानेर में दो दोस्तों पर धारदार हथियारों से हमला, 10 नामजद के खिलाफ मामला दर्ज
बीकानेर
हॉर्मुज संकट के बीच ट्रंप अलग-थलग, NATO देशों ने सैन्य मदद से किया इनकार
देश-दुनिया

You Might Also Like

बीकानेर

बीकानेर में नकल कांड पर सख्ती, लापरवाह शिक्षिका निलंबित

Published March 18, 2026
बीकानेर

बीकानेर में सादगी भरी शादी, बिना दहेज एक रुपये में हुआ विवाह

Published March 18, 2026
बीकानेर

बीकानेर में स्कूली छात्रा से छेड़छाड़, ग्रामीणों ने मनचले को पकड़कर सिखाया सबक

Published March 18, 2026
बीकानेर

बीकानेर में पाइपलाइन फटने से घरों में घुसा पानी, सड़क भी क्षतिग्रस्त

Published March 17, 2026
Khabar21
Follow US

© Copyright 2022, All Rights Reserved Khabar21 | Designed by Uddan Promotions Pvt. Ltd.

  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
1520138487750

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?