

बीकानेर: बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश द्वारा 1 अप्रैल से शुरू किए गए फ्लैश आउट ऑपरेशन के तहत अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज़ किया गया है। हालांकि, अभियान की गंभीरता के बावजूद कई पुलिस थानों की सुस्ती सामने आई है, जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नाराज हैं।
बीकानेर रेंज में 136 कार्रवाई, लेकिन कई थाने निष्क्रिय
अभियान के तहत बीकानेर रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में कुल 136 कार्रवाई हुई हैं। इसमें 83 मामले मादक पदार्थों से संबंधित हैं, जबकि 54 अवैध हथियारों के खिलाफ की गई कार्रवाई है।
हनुमानगढ़ सबसे आगे, बीकानेर सबसे पीछे
हनुमानगढ़ जिले ने इस ऑपरेशन में अवैध हथियारों के खिलाफ सबसे अधिक 33 कार्रवाई कर अग्रणी स्थान हासिल किया है। वहीं, मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में बीकानेर ने 28 कार्रवाई की है। लेकिन अवैध हथियारों के मामलों में बीकानेर जिला रेंज में सबसे पीछे रहा है।
बीकानेर के 10 थानों की परफॉर्मेंस निराशाजनक
बीकानेर जिले के 10 पुलिस थानों ने अब तक अभियान के तहत एक भी अवैध हथियार मामला दर्ज नहीं किया है। कुछ थानों ने केवल एक-दो मादक पदार्थ मामलों में कार्रवाई कर खानापूर्ति की है। अधिकारियों का मानना है कि यह स्थिति अभियान की मंशा के खिलाफ है।
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रात्रि अभियान और जनता की अपेक्षाएं
जिले में मादक पदार्थों की खपत और मांग में तेजी चिंता का विषय बनी हुई है। डोडा-पोस्त, चरस, स्मैक, गांजा और एमडी जैसे पदार्थों की तस्करी खुलेआम हो रही है, जिससे जनता में असुरक्षा का माहौल है। पुलिस की निष्क्रियता से आमजन में नाराजगी बढ़ी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की सख्त चेतावनी
पिछले तीन दिनों में बीकानेर और चूरू जिले के कई थानों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी थानाधिकारियों को कार्रवाई में तेजी और सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान अब थानों की गतिविधियों पर सीधा निरीक्षण किया जाएगा।
निष्क्रियता नहीं चलेगी
अधिकारियों का साफ संदेश है – “सुस्ती और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” जनता की सुरक्षा के लिए चल रहे इस अभियान को ठोस परिणामों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि थाने अपने दायित्व का गंभीरता से निर्वहन करते हैं या नहीं।