

पीबीएम में जांच के नाम पर वसूली, नर्सिंगकर्मी और लैब के खिलाफ कार्रवाई तय
बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल के बच्चा विभाग में रात के समय मरीजों से अवैध रूप से जांच के नाम पर राशि वसूलने का मामला सामने आने से चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण में अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, 2 अप्रैल की रात को बच्चा अस्पताल में भर्ती 10 से 15 बच्चों के सैंपल लेकर एक निजी लैब में भेजे गए। प्रत्येक मरीज से 500-500 रुपए लिए गए थे। यह कार्रवाई उस समय की गई जब मुख्य आरोपी नर्सिंग कार्मिक चेतन की ड्यूटी समाप्त हो चुकी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेतन की ड्यूटी शाम की पारी में थी, लेकिन उसने रात्रि पाली में राठी वार्ड में भर्ती मरीजों के सैंपल लिए, जबकि उसकी तैनाती उस वार्ड में नहीं थी। नियम के अनुसार, नर्सिंग कार्मिक केवल उसी वार्ड में सैंपल ले सकता है जहां उसकी ड्यूटी होती है।
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मामला तब सामने आया जब परिजनों ने जांच शुल्क लिए जाने की शिकायत की। इसके बाद जांच कमेटी गठित की गई, जिसमें पाया गया कि चेतन ने थर्ड यूनिट के एक रेजिडेंट डॉक्टर के कहने पर यह कार्रवाई की थी।

प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जांच में सहयोग करने वाले फार्मासिस्ट अशोक लेघा को पद से हटा दिया है। वहीं चेतन को भी क्लीनिकल ड्यूटी से हटाकर नॉन-क्लीनिकल कार्यस्थल पर भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में पीबीएम प्रशासन ने संभागीय आयुक्त को अवगत कराया है। शनिवार को आयुक्त द्वारा विभागाध्यक्षों की बैठक ली जाएगी जिसमें आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा, “मरीजों के परिजनों से वसूली गई राशि उन्हें लौटाई जाएगी और लैब के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए जाएंगे।”