

मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में यह विधेयक बुधवार को चर्चा के लिए पेश किया जाएगा। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। इस विधेयक का कई विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं, वहीं मुस्लिम संगठनों द्वारा देशभर में इसके खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
बिहार में भी वक्फ संशोधन बिल को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में इस बिल को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए हैं।
जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस का दावा
जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस ने सोमवार को बयान देते हुए कहा कि उनकी पार्टी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन नहीं कर रही है। उन्होंने इसे त्रुटिपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बिल को वापस लेने की अपील की। गौस ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।

जेडीयू ने दी सफाई
इस विवाद के बीच जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने सफाई देते हुए कहा कि इस विधेयक को पूर्व की तरह लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक नीतीश कुमार राजनीति में हैं, तब तक सभी समुदायों के हितों की रक्षा की जाएगी।
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संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 19 वर्षों से बिहार में सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं, खासकर मुस्लिम समुदाय के लिए उनकी नीतियां स्पष्ट रही हैं। जेडीयू ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए।