

ईएसआईसी कार्ड के कारण सरकारी एमबीबीएस का सपना पूरा हुआ
बीकानेर – पुरानी शिवबाड़ी रोड़ स्थित सिंथेसिस कोचिंग के निदेशक डॉ. श्वेत गोस्वामी के अनुसार ऑल इंडिया नीट काऊंसलिग के अंतिम राऊन्ड के पश्चात् संस्थान से 125 विद्यार्थी एमबीबीएस के लिए चयनित हुए। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि इनमें से पांच विद्यार्थी विशिष्ट है क्योंकि इन्हें ईएसआईसी कोटे से सरकारी एमबीबीएस की सीट प्राप्त हुई हैं। जिसमें मोनिका धारणिया, राहुल सहारण,सुशांत पुरोहित को ईएसआईसी अलवर, स्नेहा कनोजिया को कोलकाता और केशव शर्मा को बैंगलोर स्थित मेडिकल कालेज एलोट हुआ है। इन सभी विधार्थियो के नीट अंक 645 से अधिक थे। ये कॉलेज ईएसआईसी आईपी इंश्योरड् पेरेंट्स के बच्चों हेतु होता है। यह कार्ड उन विधार्थियो के पेरेंट्स का बनता है जो प्राईवेट क्षेत्र में काम करते हैं एवं एक सीमित आय होती है । इस कारण से यदि नंबर नीट में थोडे कम होते हैं तो भी बच्चों को सरकारी एमबीबीएस की सीट एलोट हो जाती है। यह केन्द्र सरकार की अच्छी योजना है अतः जो पेरेंट्स प्राइवेट काम करते हैं और उनकी आय सीमित है तो उनको इस प्रकार के कार्ड अपने मालिक की मदद से बनवाने चाहिए। ये कार्ड मुख्यतया फैक्ट्री , डेयरी , स्कूल, इंस्टीट्यूट, हॉस्पिटल, ट्रांसपोर्ट कंपनी आदि ऐसी वो जगह जहाँ 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं वहाँ संस्था के मालिक द्वारा बनवाये जाते हैं। इस कार्ड के बनने के बाद श्रमिक और संस्था मालिक कुछ कंट्रीब्यूशन प्रतिमाह ईएसआईसी विभाग को जमा करवाते हैं।

विदित रहे की भारत में ईएसआईसी की कुल 11 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें सरकारी एमबीबीएस की कुल 382 सीट है।