

जयपुर। राजस्थान सरकार श्वसन रोगों (इन्फ्लूएन्जा, स्वाइन फ्लू, कोविड-19) की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर सतर्क हो गई है। हेल्थ डायरेक्टर डॉ. रवि प्रकार माथुर ने प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, सीएमएचओ, पीएमओ, और अस्पताल अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
महत्वपूर्ण निर्देश:
- पृथक ओपीडी: स्वाइन फ्लू और कोविड-19 संभावित मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग ओपीडी बनाई जाए।
- हाई रिस्क ग्रुप पर विशेष ध्यान: गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्धों और गम्भीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों की नियमित जांच सुनिश्चित हो।
- दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता: सभी अस्पतालों में ऑस्लटामिवीर दवा, वीटीएम किट, मास्क और पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए।
- सैंपल कलेक्शन: जिला और सामुदायिक अस्पतालों में ओपीडी समय में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था हो।
- आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू: मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू में आवश्यक उपकरण, बेड और वेंटिलेटर उपलब्ध हों।
- प्रचार-प्रसार: रोगों की रोकथाम और बचाव के लिए अस्पतालों में IEC कॉर्नर बनाएं। प्रतीक्षा कक्ष में एलईडी टीवी और स्क्रॉलिंग संदेश चलाए जाएं।
- पल्स ऑक्सीमीटर और रिकॉर्ड कीपिंग: मरीजों की पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करें और उनकी पूरी जानकारी का रिकॉर्ड रखें।
विशेष तैयारी:

- जीनोम सिक्वेंसिंग: कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल जयपुर, कोटा और जोधपुर मेडिकल कॉलेज भेजे जाएंगे।
- रेफरल सुविधा: गंभीर मरीजों को निःशुल्क 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।
- सामाजिक जागरूकता: मरीजों को पेम्पलेट वितरित कर रोगों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सर्दियों में श्वसन रोगों के बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।