

क्या है HMPV वायरस?
एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) एक श्वसन संक्रमण फैलाने वाला वायरस है, जो खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को प्रभावित करता है। इसकी पहचान 2001 में नीदरलैंड में हुई थी। यह वायरस सांस से संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे:
- सर्दी, खांसी और बुखार
- ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों की नलियों में सूजन)
- निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना)
यह वायरस कितना खतरनाक है?
एचएमपीवी के लक्षण कोरोना वायरस और आम फ्लू से मिलते-जुलते हैं। हल्के मामलों में यह 3-5 दिनों तक रहता है, लेकिन गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल, इस वायरस का कोई टीका या एंटी-वायरल उपचार उपलब्ध नहीं है।
चीन में स्थिति क्यों चिंताजनक है?
हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन में अस्पतालों में भारी भीड़ और श्वसन संबंधी रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा:

- इन्फ्लुएंजा ए और माइकोप्लासमा न्यूमोनिए जैसे अन्य संक्रमण भी फैल रहे हैं।
- चीनी रोग नियंत्रण प्राधिकरण ने खास निगरानी प्रणाली शुरू की है।
दुनिया भर में कहां-कहां फैला है यह वायरस?
2023 में एचएमपीवी के मामले नीदरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और चीन सहित कई देशों में दर्ज किए गए थे।
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भारत की प्रतिक्रिया क्या है?
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने चीन में एचएमपीवी के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए श्वसन और मौसमी फ्लू के मामलों पर करीबी नजर रखी है। भारत में फिलहाल संक्रमण के मामलों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज नहीं की गई है।
सावधानियां:
- मास्क पहनना और नियमित रूप से हाथ धोना।
- खांसी-जुकाम होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना।
विशेषज्ञों का सुझाव:
- स्थिति घबराने की नहीं है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
एचएमपीवी पर रिसर्च और टीके के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं।