

महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव आयोग (ECI) में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर आयोग ने दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों से जवाब मांगा है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई
चुनाव आयोग ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया है।
- जवाब की समय सीमा: 18 नवंबर, दोपहर 1 बजे।
- आयोग ने दोनों से लोकसभा चुनाव 2024 में जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
- स्टार प्रचारकों और नेताओं को सार्वजनिक शिष्टाचार बनाए रखने और आदर्श आचार संहिता का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस का आरोप
14 नवंबर को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
आरोप:
- झूठे, विभाजनकारी, और नफरती बयान देने का।
- महाराष्ट्र और झारखंड में चुनावी गतिविधियों से प्रतिबंध लगाने की मांग।
- कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने 8 नवंबर को नासिक और धुले की रैलियों में नेहरू, इंदिरा, और राजीव गांधी को लेकर झूठे और निंदनीय बयान दिए।
- विपक्षी दल ने भाजपा के नेताओं पर आपराधिक मामला दर्ज करने की भी मांग की।
भाजपा का जवाब
भाजपा ने 11 नवंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की।
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आरोप:
- राज्यों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने का।
- संविधान का अपमान करने और यह झूठ फैलाने का कि भाजपा संविधान को नष्ट करने वाली है।
- केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी पर बीएनएस की धारा 353 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की।
क्या है मामला?
राजनीतिक दलों के नेताओं के विवादित बयानों ने चुनाव प्रचार को विवादित बना दिया है।
- कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा झूठ और नफरत का प्रचार कर रही है।
- भाजपा का दावा है कि राहुल गांधी संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
निष्कर्ष
आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। दोनों दलों को अपने बयानों पर सफाई देनी होगी। आगामी दिनों में आयोग के फैसले से चुनावी राजनीति में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।