

अजमेर जिले के रूपनगढ़ में 22 सितंबर को हुए जमीन विवाद के चलते फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पांच इनामी आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। फायरिंग में एक वेल्डिंग मजदूर शकील शेख की जान चली गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति नारायण कुमावत गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज अभी भी जारी है।
मामले में जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में पुलिस टीम ने 9 दिनों के अंदर ही हमलावर गैंग के 6 प्रमुख सदस्यों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल हुए 10 वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना के मुख्य आरोपी बलवाराम चौधरी और उसके रिश्तेदारों ने सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत से जैन छात्रावास के सामने अंधाधुंध फायरिंग की थी।
फायरिंग में शामिल बदमाशों पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनमें बलवाराम चौधरी का भांजा दिनेश चौधरी, हनुमान जाट, नरेश जाट, और पुखराज जाट प्रमुख हैं। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नंदलाल जाट, रामदेव मेघवाल, अर्जुन लाल जाट, कमलेंद्र कुमार जाट, आसम खां और मुकेश जाट के साथ-साथ षड्यंत्र में शामिल रामजीलाल जाट, रतनलाल गुर्जर, नरेंद्र जाट, और शिवराज जाट भी शामिल हैं।
- Advertisement -
घटना की जांच के दौरान यह सामने आया कि यह संघर्ष 6 करोड़ रुपये की विवादित सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर हुआ। हमले में एक मजदूर की मौत और एक अन्य के घायल होने के बाद पुलिस ने फायरिंग करने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाया।