

डेंगू का प्रकोप: जयपुर में 24 घंटे ओपीडी सेवा शुरू, प्रदेश में बढ़े डेंगू के मरीज
मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ा बारिश का मौसम खत्म होते ही राजस्थान में मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा चिंता डेंगू को लेकर है। बीते कुछ दिनों में डेंगू के मामले प्रदेशभर में काफी बढ़े हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में अब डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के लिए 24 घंटे की डेडिकेटेड ओपीडी सेवा शुरू की गई है।
एक हफ्ते में 3 हजार से ज्यादा मामले पिछले एक हफ्ते में राजस्थान में डेंगू के 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। उदयपुर, जयपुर, बीकानेर, टोंक, और कोटा सहित कई जिलों में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने बताया कि मरीजों की संख्या को देखते हुए एसएमएस अस्पताल में भी मेडिसिन विभाग के तहत डेडिकेटेड ओपीडी चालू की गई है।
मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भी इजाफा डेंगू के अलावा मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। डेंगू के 3648 मामलों में उदयपुर से सर्वाधिक 467, जयपुर से 325, बीकानेर से 290 और कोटा से 158 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा मलेरिया के 967 और चिकनगुनिया के 131 मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं।
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डेंगू के लक्षण और बचाव के उपाय डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, उल्टी, दस्त, और त्वचा पर लाल चकत्ते दिखना शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें, घर और आसपास के पानी को साफ रखें, और पूरा शरीर ढककर रखें।
चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक अगर आपको डेंगू के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और उपचार शुरू करवाएं।