

अजमेर के रूपनगढ़ में हुई फायरिंग की घटना के बाद से पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया है, और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है और घटना में इस्तेमाल किए गए पांच वाहनों को जब्त किया है।
जानकारी के अनुसार, जिले के रूपनगढ़ में जमीन विवाद के चलते फायरिंग हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में चल रहा है। यह घटना श्री सहस्त्र मुनि जैन छात्रावास के पास हुई, जहां पंचायत समिति द्वारा 7 दुकानों के लिए पट्टा जारी किया गया था। जब स्थानीय दुकानदार जमीन की नींव खोद रहे थे, तभी बीआरसी (बलवाराम चौधरी) गैंग के बदमाश स्कॉर्पियो, बोलेरो और अन्य वाहनों में पहुंचे और जमीन पर दावा करते हुए लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
बदमाशों की इस हरकत के बाद स्थानीय लोग एकत्रित हो गए और विरोध स्वरूप पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें शकील लांगा नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और नारायण कुमावत नाम का एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद गुस्साए भीड़ ने बदमाशों की जेसीबी को आग के हवाले कर दिया, जिसे बाद में पुलिस ने पहुंचकर बुझाया।
फायरिंग की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया, और आसपास की दुकानों को बंद कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोलेरो, स्कॉर्पियो, जेसीबी और डंपर समेत पांच वाहनों को जब्त कर लिया, जबकि एक युवक को हिरासत में लिया गया है। अजमेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश मेघवाल इस पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, और पुलिस का कहना है कि फिलहाल इलाके में शांति है। इलाके के बाजार अब तक पूरी तरह बंद हैं।
- Advertisement -
बलवाराम चौधरी का कनेक्शन:

घटना के पीछे किशनगढ़ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया के पुत्र भंवर सिनोदिया की हत्या के आरोपी और भू माफिया बलवाराम चौधरी के भांजे दिनेश चौधरी का नाम सामने आ रहा है। दिनेश और उसकी गैंग के सदस्य इस जमीन को अपनी बताते हुए यहां पहुंचे थे और ग्रामीणों के साथ मारपीट में शामिल हो गए थे। झगड़े के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की प्रतिक्रिया:
इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “राज्य में अपराध बेकाबू हो गए हैं, और पर्ची सरकार विफल हो रही है।” उन्होंने इसे राजस्थान में जंगलराज का उदाहरण बताया और कहा कि पुलिस विभाग आईपीएस ट्रांसफर लिस्ट का इंतजार कर रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। जूली ने सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि प्रदेश में कानून का इकबाल कायम हो सके।
सावधानी नोट: इस घटना से स्पष्ट है कि क्षेत्रीय विवाद और स्थानीय अपराधी तत्वों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इस प्रकार की हिंसा और फायरिंग जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। कानून व्यवस्था को और सख्त बनाते हुए अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।