बीकानेर। सरकार किसानों को नई तकनीक सिखाने के लिए इजराइल भेजेगी। वहीं किसानों को जैविक खेती के लिए जागरूक करने के लिए गांव-गांव कृषि पंचायतों का आयोजन होगा। यह बात कृृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राज ऋषि गोकुल ग्राम परियोजना कार्यक्रम में कही। दुर्गापुरा के कृृषि अनुसंधान केन्द्र में कृृषि तकनीकी को उन्नत व आधुनिक बनाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्नत कृषि कर सकेंगे किसान
कृृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी ने कहा कि इजरायल की जलवायु कृृषि के अनुकूल न होते हुए भी उन्नत तकनीकी अपनाने से वे कृषि क्षेत्र में दूसरे नम्बर पर है। इसलिए वहां की तकनीकी को अपनाकर प्रदेश के किसान भी उन्नत कृृषि कर सकेंगे। इसके लिए एक तकनीकी दल और किसानों को इजरायल भेजा जाएगा। जिससे किसान फल, फूल, सब्जी व अन्य बागवानी फसलों पर किए गए कामों को देख सकेंगे।
माउंट आबू भी जाएंगे किसान
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कृृषि के नवाचारों को जानने के लिए किसान माउण्ट आबू जाएंगे। वहां पर ब्रह्मकुमारी में राजऋषि गोकुल ग्राम में यौगिक खेती की बारीकियां जानेंगे। कृषि मंत्री ने ब्रह्मकुमारी के प्रतिनिधियों से दो-दो गांव गोद लेकर किसानों की मदद करने की बात कही।
परंपरागत तकनीक से कराएंगे रूबरू
कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृृतिक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने व किसानों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के दो जिलों में प्राकृृतिक खेती के कार्यक्रमों का आयोजन शुरू करवाएंगे, जिससे किसान कृृषि की परंपरागत तकनीकों से रूबरू हो सकेंगे। कृृषि सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि जैविक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

