


खबर21 – देश में चल रहे किसान आंदोलन में बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर की भी एंट्री हो गई है. उन्होंने बड़ा बयान दिया है. एक्टर ने किसानों का सपोर्ट किया है. नाना ने किसानों से अपना फैसला लेते हुए सरकार चुनने की बात कही है. नाना का कहना है कि अब वक्त है कि किसान कुछ मांगे नहीं बल्कि तय करें कि उन्हें देश में किसकी सरकार लानी है. इसी के साथ उन्होंने अपने राजनीति में आने को लेकर भी जवाब दिया है.
‘मैं राजनीति नहीं कर सकता’
नाना पाटेकर हमेशा से अपने ओपिनियन को लेकर मुखर रहे हैं. किसानों पर ज्यादती को लेकर उन्होंने हमेशा सपोर्ट शो किया है. इस बार उन्होंने किसानों का पक्ष लेते हुए कहा- 80-90% पहले किसान थे, अब किसान 50% हैं. सरकार से अब कुछ मांगो मत. अब तय करो कि सरकार किसकी लानी है. मैं राजनीति में नहीं जा सकता क्योंकि जो पेट में है वही मुंह पर आ जाएगा. वो मुझे पार्टी से निकाल देंगे. पार्टियां बदलते बदलते एक महीने के अंदर सारी पार्टियां खत्म हो जाएंगी. यहां आपके यानी हमारे किसान भाईयों के सामने हम दिल की बात कर सकते हैं. जो हमें रोज खाना देता है उसकी किसी को पड़ी नहीं, तो हमें आपकी यानी सरकार की क्या पड़ी है?
‘किसान के रूप में ही जन्म लूंगा’
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किसानों से बातचीत में नाना ने आगे कहा- अगर मैं आत्महत्या भी कर लूं तो भी मैं किसान के रूप में ही जन्म लूंगा, किसान कभी यह नहीं कहेगा कि मैं किसान के रूप में जन्म नहीं लेना चाहता हूं. हम जानवरों की भाषा जानते हैं, क्या तुम्हें समय रहते किसानों की भाषा नहीं बोलनी आती?
किसानों के समर्थक नाना
बता दें, नाना हमेशा ही किसानों के सपोर्ट में बोलते आए हैं. वो खुद को किसानों का बड़ा हितैषी बताते हैं. नाना ने पहले भी किसानों के द्वारा लगातार की जा रही आत्महत्या पर अफसोस जताया था. उन्होंने एक संस्था बनाई थी, जो किसानों के पक्ष में काम करती है. उन्होंने कहा था कि किसान भाई आत्महत्या ना करें, बल्कि उन्हें फोन करें. नाना के मुताबिक उन्होंने आर्थिक हालात में आत्महत्या करने वाले किसानों की 180 विधवाओं को 15-15 हजार रुपए की मदद भी दी थी.