बीकानेर। हाल ही में जूलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) ने ओडिशा और बंगाल के समुद्री तटों पर समुद्री स्लग मोलस्क की एक नई किस्म की खोजी गई। इसका नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम पर रखा गया है। यह प्रजाति मुख्य रूप से मरीन हैबिटेट में रहती है।
• मेलानोक्लामिस जीनस से संबंधित इस प्रजाति को पश्चिम बंगाल तट के दीघा और ओडिशा तट के उदयपुर में खोजा गया है।
• हेड-शील्ड समुद्री स्लग की यह नई प्रजाति भारत के अलावा दुनिया में कहीं नहीं पाई जाती है।
यह भारत में पाई गई हेड-शील्ड समुद्री स्लग की दूसरी प्रजाति है। पहली प्रजाति पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट पर मेलानोक्लैमिस बेंगालेंसिस है।
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यह एक छोटा अकशेरूकी एवं उभयलिंगी प्राणी है।
• इसकी अधिकतम लंबाई 7 मिमी तक होती है।
इनका प्रजनन काल नवंबर से जनवरी तक है।
यह भूरे काले रंग का होता है और इसके पिछले भाग पर रूबी लाल धब्बा होता है।
• इसकी पिछली ढाल लंबी होती है (शरीर कीलंबाई का लगभग 61 प्रतिशत)।
• इसके शरीर पर खोल होता है।
यह प्रजाति अन्य प्रजातियों से अलग गीले और नरम रेतीले समुद्र तटों पर निवास करती है।
यह सामान्य रूप से रेतीले समुद्र तट के अंतर्ध्वारीय क्षेत्र में रेंगता है और अपने पीछे रेंगने का निशान छोड़ता है।
• मेलानोक्लामिस द्रौपदी का निवास स्थान मेलानोक्लामि बेंगालेंसिस के समान है।
• मेलानोक्लामि बेंगालेंसिस को वर्ष, 2022 में दीघा और धामरा के तट पर पाया गया था।
• भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India) की स्थापना 1 जुलाई, 1916 को की गई थी।

