बीकानेर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में वकील मोहन लाल की जघन्य हत्या के बाद अब बवाल शुरू हो गया है। शुक्रवार देर रात दस बजे से परिवार और समाज के लोग धरने पर बैठ गए हैं। परिवार को एक करोड़ रुपया मुआवजा, सरकारी नौकरी और अन्य मांगों को लेकर यह प्रदर्शन शुरू हो गया है और इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। मौके पर भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर पीड़ित परिवार से समझाईश करने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन परिवार अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है। इस मामले में जिला बार एसोसिएशन भी कूद पड़ा है। उन्होनें सीएम को लैटर लिखा है और कई मांगे की है। भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थाने के बाहर ये प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल चार आरोपियों को डिटेन करने की बात सामने आ रही है।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात हमीरगढ़ थाना इलाके के तख्तपुरा गांव के निवासी वकील मोहनलाल अहीर नजदीकी गांव औज्याडा से शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बड़ी गाड़ी में आए कुछ लोगों ने वकील की कार को ठोक दिया। बाद में वकील को नीचे उतारा और जंगल में ले जाकर डंडों से पीट पीट कर हाथ पैर तोड़ दिए। सिर में भी चोटें आई। फिर हाइवे किनारे अचेत हालत में फेंक गए।
अस्पताल ले जाने के दौरान वकील की मौत हो गई। मौत से पहले वकील ने एक वीडियो भी बनाया जिसमें खुद पर हमले करने वालों के बारे में जानकारी दी गई। मोहन की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी रतनादेवी राजसमंद जिले के एक गांव में अध्यापिका है। दूसरी पत्नी ग्रहणी है एवं उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। शुक्रवार को परिजनों ने गांव के ही रहने वाले नारायण लाल अहीर समेत दस से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज कराया है। सभी लोग एक ही परिवार के हैं। अब इस परिवार के आठ मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की जा रही है।

