बीकानेर। बच्चों पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाने वाले दो टीचर को निलंबित किया हैं। आरोप था कि ये टीचर किसी प्रतिबंधित संगठन से भी जुड़े है। दोनों के निलंबन का आदेश गुरुवार रात को निकाला गया था।
ये मामला कोटा के सांगोद-कनवास का है। स्थानीय लोगों ने 20 फरवरी को शिक्षा मंत्री को ज्ञापन के माध्यम से बताया था कि सांगोद थाना क्षेत्र के खजूरी ओदपुर गांव में सरकारी स्कूल है।
इस स्कूल के तीन टीचर शबाना, फिरोज और मिर्जा मुजाहिद की ओर से बच्चों पर जबरन नमाज पढ़ने का दबाव बनाया जाता है। मना करने पर भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है। लोगों ने आरोप लगाया कि ये टीचर प्रतिबंधित संगठन से भी जुड़े है।
दो टीचर निलंबित, एक पर कार्रवाई बाकी
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मामले में शिक्षा विभाग ने एक्शन लेते हुए गुरुवार (22 फरवरी) को फिरोज खान और मिर्जा मुजाहिद को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि स्कूल में धर्मांतरण, एक छात्रा के धर्म को बदलकर लिखने और स्टूडेंट्स को जबरन नमाज पढ़वाने की शिकायत मिली थी। मामले में दो टीचरों को निलंबित कर दिया है।
एक महिला टीचर पर भी कार्रवाई की जा रही है। तीनों को बीकानेर मुख्यालय उपस्थिति के निर्देश जारी कर दिए हैं।
छात्राओं से छेड़छाड़ करने वालों की संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर मंत्री ने स्कूलों या पंचायती राज विभाग में छात्राओं और महिलाओं से छेड़छाड़ की हरकत के दोषी कर्मचारी-अधिकारियों की अवैध संपत्ति पर बुल्डोजर चलाने की बात भी दोहराई। दिलावर ने कहा कि इसके लिए सीएम ने निर्देश दिया है कि ऐसे लोगों को छोड़ना नही हैं।
मंत्री ने कहा कि मैं तो गांव का आदमी हूं, अब किसी ग्राम विकास अधिकारी ने पंचायत के निर्माण कामों में दोषी पाया गया तो बीडीओ तक के खिलाफ कार्यवाही होगी। कई अधिकारी ईमानदार है तो कुछ बेईमान भी होते है। नीचे से ऊपर तक कमीशन करते है जिससे काम की क्वालिटी हल्की हो जाती है। ऐसे लोगों पर कार्यवाही होगी।

