बीकानेर। प्रवर्तन निदेशालय की देश भर में चल रही तबाड़तोड़ कार्रवाई के बीच तमिलनाडु से एक बड़ी खबर आ रही है। तमिलनाडु में एक गिरोह ने प्रवर्तन अधिकारी बनकर एक व्यवसायी को लूट लिया है। तमिलनाडु पुलिस ने बताया है कि इस गिरोह से जुड़े पांच लोगों ने व्यवसायी के यहां छापा मारा और फिर उससे 1.69 करोड़ रुपए, दो लग्जरी कारें और महंगे मोबाइल को लूट लिया। तमिलनाडू पुलिस ने अब इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान विजय कार्तिक, नरेंद्र नाथ, राजशेखर, लोगनाथन और गोपीनाथ के रूप में हुई है।
तमिलनाडु पुलिस ने बताया कि इस मामले को लेकर तिरुपुर में सूती धागे के व्यापारी अंगुराज और उसके साथी दुरई ने शिकायत दी कि कुछ लोगों ने खुद को ईडी अधिकारी बताकर उनके साथ लूटपाट की। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो यह मामला जाकर खुला। पुलिस को मिली शिकायत में बताया गया है कि उन्हें हैदराबाद की एक निजी कंपनी से फोन आया कि कोयंबटूर, तिरुप्पुर और इरोड में एक निर्माण परियोजना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। अंगुराज और दुरई के अनुसार कॉल करने वालों ने उनसे निवेश का अनुरोध किया और उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें थोड़े समय के भीतर दोगुनी राशि का भुगतान किया जाएगा।
तमिलनाडु पुलिस ने कहा कि दोनों ने कॉल करने वालों पर विश्वास किया और 1.69 करोड़ रुपए का इंतजाम करने में कामयाब रहे। फिर कॉल करने वालों ने पैसे की तस्वीर मांगी, जिसे अंगुराज और दुरई दोनों ने तुरंत कॉल करने वालों को भेज दिया। इसके कुछ देर बाद पांच लोगों का एक समूह अंगुराज के कार्यालय पहुंचा, जिन्होंने खुद को ईडी अधिकारी होने का दावा किया। अंगुराज और दुरई ने अपनी शिकायत में कहा कि पांचों ने नकदी ले ली और दो कारें और मोबाइल फोन लेकर चले गए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी ले ली और मौके से भाग गए।

