बीकानेर। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर सवाल उठाए. आतिशी ने कहा, ईडी ने डेढ़ साल में जांच के नाम पर घोटाला किया है. उसने बंद कमरे में आरोपियों के बयान दर्ज किए और कोर्ट में अलग स्टेटमेंट रखे हैं. इतना ही नहीं, बंद कमरे के सीसीटीवी फुटेज के ऑडियो भी डिलीट कर दिए हैं. आतिशी ने दावा किया कि डेढ़ साल में ईडी ना तो कोई रिकवरी कर पाई, ना सबूत जुटा पाई और ना उसके पास बयानों की रिकॉर्डिंग है।
आतिशी ने कहा, बीजेपी केंद्रीय एजेंसी के सहारे आम आदमी पार्टी को डराने और धमकाने की कोशिश कर रही है. हालांकि AAP धमकियों से डरने वाली नहीं है. दो साल से हमारे नेताओं को धमकाया जा रहा है. कथित शराब घोटाले के नाम पर छापे पड़ रहे हैं और समन भेजे जा रहे हैं. लेकिन अभी तक ईडी को कुछ नहीं मिला है. जांच में तीन चीजें महत्वपूर्ण होती हैं. पहली चीज- रिकवरी होना जरूरी है. सैकड़ों रेड के बावजूद एक रुपए की रिकवरी नहीं हुई है. दूसरी महत्वपूर्ण चीज होती है- सबूत. दो साल में कोई सबूत नहीं मिला है. ये बात कोर्ट ने भी कही है. तीसरी महत्वपूर्ण बात- गवाह होते हैं. ईडी ने जिनसे पूछताछ की हैं, वो सारे स्टेटमेंट फर्जी हैं. स्टेटमेंट में फर्जीवाड़ा किया गया है।
आतिशी ने कहा, गवाहों को डरा-धमका कर बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. एक गवाह ने कहा है कि मुझसे कहा गया कि आपने बयान नहीं दिया तो बेटी स्कूल नहीं जा पाएगी. एक गवाह को थप्पड़ मारा गया. एक अन्य गवाह से कहा कि आपकी पत्नी को अरेस्ट कर लेंगे.
‘कैमरे के सामने करनी होती है पूछताछ’
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आतिशी का कहना था कि किसी भी जांच एजेंसी को अपनी पूछताछ कैमरे के सामने करनी होती है. ऑडियो और वीडियो फुटेज नहीं होंगे तो ये सबूत नहीं बचेगा कि किसी गवाह को डराया गया या धमकाया गया. अथवा जो गवाह ने बयान लिखवाया, वही है या बदला गया.
‘ऑडियो डिलीट करके दी फुटेज’
आतिशी ने कहा, जब एक आरोपी ने कुछ दिन पहले कोर्ट में आवेदन दिया और कहा, मुझे पूछताछ की सीसीटीवी फुटेज चाहिए. उनका सरकारी गवाह से आमना-सामना हुआ था. इस पूरी पूछताछ की प्रक्रिया में कमरे में सीसीटीवी लगा हुआ था. जब बयान कोर्ट में जमा करवाया गया तो वो अलग बयान था. ईडी ने जब वो उस पूछताछ की फुटेज दी तो उसका ऑडियो डिलीट कर दिया गया. बंद कमरे के सारे सबूत ईडी ने डिलीट कर दिए.

