

बाड़मेर।18 दिन बाद भी पुलिस को नहीं मिला हत्यारों का कोई क्लू।बाड़मेर सिवाना के मिठौड़ा कृषि फॉर्म हाउस पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व सरपंच आमसिंह मर्डर को 18 दिन बीत गए है। लेकिन पुलिस को अभी तक हत्यारों का एक भी क्लू नहीं मिला है। जांच शून्य से आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस की टीमों ने 4 हजार मोबाइल लोकेशन खंगालने और 6 बार एफएसएल टीमों के ट्रेस आउट बाद भी हत्यारों को पकड़ नहीं पाई है। घटना के बाद एक दर्जन पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जगह-जगह दबिश दी। इधर खुलासा नहीं होने पर समाज व ग्रामीणों में आक्रोश है। दरअसल, कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच आमसिंह की मिठौड़ा कृषि हाउस पर 26 जून की रात को अज्ञात बदमाशों ने गला काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीमों की लाख कोशिश के बावजूद भी एक क्लू तक नहीं मिल पाया। वहीं पुलिस ने घटना स्थलल पर लगे मोबाइल टॉवर की रेंज में आने वाले करीब 4 हजार मोबाइल की लोकेशन खंगाली लेकिन ऐसा सबूत हाथ नहीं लगा जिससे जांच को आगे बढ़ा सकें। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। छोटूसिंह हत्याकांड के आरोपियों का भी डेटा खंगाल लिए, लेकिन हत्या के कारणों की वजह भी पता नहीं चल पाई है इधर एसपी दिगंत आनंद के 10 दिन में हत्यारों की गिरफ्तारी के दिए आश्वासन के बाद अभी तक मामले का खुलासा नहीं होने पर राजपूत समाज व ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना के बाद एक दर्जन पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों के जगह-जगह दबिशें व 18 दिन से मिठौड़ा में डेरा जमाए बैठे आधा दर्जन अधिकारी अभी तक घटनास्थल के इर्द-गिर्द ही घूम रहे है। हत्यारों ने प्रोफेशनल तरीके से दिया अंजाम हत्यारों ने मर्डर की वारदात को बड़े ही शातिराना तरीके से अंजाम दिया। 5-6 बार एफएसएल टीम के मौके पर प्रयास करने के बाद भी कहीं पर हाथ-पैर या हथियार आदि का छोटा सा भी क्लू नहीं मिल पाया है। वहीं चर्चित व्यक्त के हत्या की जानकारी पर घटना स्थल पर 2 से 3 हजार लोगों की भीड़ मौके पर पहुंचने से पैरों के निशन व गंध के अलामात भी नष्ट होने पर डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीम को किसी तरह की सफलता नहीं मिली। साथ ही मर्डर में उपयोग में लिया गया हथियार कूंठ काम लेना सामने आया है, जो आदिवासी इलाके में ज्यादा उपयोग में लिया जाता है। ऐसे में वारदता को बड़े ही शातिर तरीके से किसी प्रोफेशनल किलर द्वारा अंजाम देने का अंदेशा जताया जा रहा है। छोटूसिंह मर्डर के आरोपियों पर था सबसे अधिक संदेह, सबूत नहीं मिले साल 2019 में सिवाना कस्बे के मुख्य बाजार में मृतक आमसिंह के बड़े बेटे मालमसिंह पर बदमाश पृथ्वीसिंह व उसके साथियों ने फायरिंग कर जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें मालमसिंह बाल-बाल बच गया, लेकिन उसके साथी छोटूसिंह के गोली लगने से मौत हो गई थी। उक्त मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पृथ्वीसिंह सहित उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। ऐसे में पुलिस को शक की सुई भी पृथ्वीसिंह व उसकी गैंग की तरफ गई, लेकिन संदिग्धों की पूछताछ में कोई जानकारी सामने नहीं आई।
