बीकानेर के वन्यजीव प्रेमियों के लिए राहतभरी खबर है। कभी बीछवाल क्षेत्र की पहचान रहे कृष्ण मृग (काले हिरण) एक बार फिर अपने पुराने शहर में नजर आ सकते हैं। नगर निगम सुजानदेसर के पास करीब 200 बीघा भूमि को काले हिरणों के संरक्षण और आवास के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए मजबूत तारबंदी की जाएगी। साथ ही हिरणों के लिए पसंदीदा सेवण घास उगाने और पर्याप्त पानी की व्यवस्था करने की तैयारी भी की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 3 से 4 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी इस परियोजना में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। उनका उद्देश्य सुजानदेसर क्षेत्र को कृष्ण मृगों के संरक्षण और प्राकृतिक आवास के रूप में विकसित करना है, जिससे वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिल सके।
दरअसल, बीछवाल क्षेत्र में आधुनिक बायोलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां भविष्य में पैंथर, शेर और बाघ जैसे मांसाहारी वन्यजीवों को लाने की योजना है। इसी कारण काले हिरणों के लिए नई और अधिक अनुकूल जगह की तलाश की गई, जिसमें सुजानदेसर क्षेत्र सबसे उपयुक्त माना गया है।
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यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में बीकानेर की धरती पर कृष्ण मृगों के झुंड एक बार फिर स्वतंत्र रूप से दौड़ते और कुलांचें भरते दिखाई दे सकते हैं।
