बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में मरीज के परिजन के साथ कथित मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेके पर कार्यरत एक टेक्नीशियन और एक अटेंडेंट को सेवा से हटा दिया है। वहीं, घटना के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर एक रेजीडेंट डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
यह मामला शनिवार देर रात का है, जब एक मरीज का परिजन रिपोर्ट लेने के लिए लैब पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर कर्मचारियों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि टेक्नीशियन ने परिजन को बाल पकड़कर अंदर खींचा और उसके साथ मारपीट की, जबकि अटेंडेंट इस पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की जांच के लिए डॉ. नीति शर्मा, डॉ. अजित बेनीवाल, डॉ. रुबिना कोचर, संजय द्विवेदी और सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह की समिति गठित की गई थी। सोमवार को अधीक्षक डॉ. बीसी घीया की अध्यक्षता में हुई बैठक में जांच के आधार पर दोनों संविदाकर्मियों को हटाने का निर्णय लिया गया।
अधीक्षक ने बताया कि ड्यूटी से नदारद पाए गए रेजीडेंट डॉक्टर को अनुशासन समिति के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि माइक्रोबायोलॉजी लैब से जुड़े विवादों के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनकी गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
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इधर, घटना को लेकर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने भी अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
