जयपुर में राज्य सरकार ने निजी टेलीफोन और मोबाइल बिलों को सरकारी खर्च पर जोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया है कि अब बिना पूर्व अनुमति किसी भी निजी फोन बिल का भुगतान सरकारी खजाने से नहीं किया जाएगा।
विभाग के अनुसार कई अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी मोबाइल या घर पर लगे लैंडलाइन के बिल को भी सरकारी खाते से भुगतान करा रहे थे, जिसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब केवल वही टेलीफोन सुविधा मान्य होगी जो संबंधित पद और कार्यस्थल के लिए अधिकृत रूप से स्वीकृत है।
नई व्यवस्था के तहत किसी अधिकारी के स्थानांतरण, पदोन्नति या सेवानिवृत्ति की स्थिति में सरकारी टेलीफोन सुविधा विभागीय नियंत्रण में लौटानी होगी। वहीं ट्रांसफर के बाद सरकारी फोन अपने पास रखने या निजी नंबर का सरकारी भुगतान लेने पर भी रोक लगा दी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी सरकारी कार्यालयों में लगाए गए टेलीफोन कनेक्शनों का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बिल लंबित रहने, सरचार्ज बढ़ने या कनेक्शन कटने जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
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अब किसी भी निजी टेलीफोन या मोबाइल बिल के सरकारी भुगतान के लिए पहले विभाग की स्पष्ट अनुमति अनिवार्य होगी। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
