नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत LPG सब्सिडी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब योजना के लाभार्थियों को वर्ष में अधिकतम चार गैस सिलेंडरों पर ही अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
सरकारी जानकारी के मुताबिक पहले लाभार्थियों को अधिक संख्या में सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी पर वित्तीय बोझ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पहले चार सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
इस व्यवस्था के बाद उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर लाभार्थियों को प्रभावी रूप से करीब 642 रुपये में उपलब्ध होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार वैश्विक स्तर पर एलपीजी की कीमतों में वृद्धि और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण गैस की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है, हालांकि उपभोक्ताओं को यह काफी रियायती दर पर दी जा रही है।
सरकार का कहना है कि सीमित सब्सिडी के बावजूद गरीब परिवारों को राहत देने का प्रयास जारी रहेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव का असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जो पूरी तरह रसोई गैस पर निर्भर हैं, विशेषकर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
