बीकानेर के मुक्ताप्रसाद थाना क्षेत्र में सोमवार शाम हुई फायरिंग की घटना में नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद खुद को पीड़ित बताने वाले पक्ष के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। सीसीटीवी फुटेज सामने आने और दूसरे पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार कैंपर गाड़ी के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सोमवार शाम करीब 7:30 बजे यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद मुकेश विश्नोई ने आरोप लगाया था कि संदीप, आदित्य और अन्य लोगों ने उस पर फायरिंग की, जिससे वह घायल हो गया और उसकी पिकअप गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
हालांकि अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज में मुकेश विश्नोई कथित रूप से दूसरे पक्ष के घर के बाहर दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरे पक्ष ने पुलिस को दिए परिवाद में आरोप लगाया है कि मुकेश अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचा, गाली-गलौज की, फायरिंग की तथा घर में घुसने का प्रयास किया। साथ ही जान से मारने की धमकी देने और क्षेत्र में दहशत फैलाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों पक्षों के आरोपों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच जारी है। प्रारंभिक तौर पर मामला वाहन भुगतान और लेन-देन के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
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पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग की शुरुआत किस पक्ष ने की और विवाद की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
