आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए लॉटरी जारी
राजस्थान में निजी स्कूलों में आरटीई (Right to Education) के तहत निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को लॉटरी जारी कर दी गई। जयपुर के शिक्षा संकुल में आयोजित इस प्रक्रिया के जरिए विद्यार्थियों के प्रवेश का प्राथमिकता क्रम तय किया गया।
पहले यह लॉटरी सुबह 11:30 बजे घोषित की जानी थी, लेकिन बाद में इसका समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया गया। हालांकि दोपहर करीब एक बजे ही लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो गई और अभिभावकों को इसकी जानकारी मिलनी शुरू हो गई। अब अभिभावक ई-मित्र के माध्यम से लॉटरी में अपने बच्चे का नंबर देख सकते हैं।
इस साल चार कक्षाओं में प्रवेश
इस बार पीपी-3 प्लस, पीपी-4 प्लस, पीपी-5 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। अभिभावकों को आवेदन के दौरान पांच स्कूलों तक का चयन करने का विकल्प दिया गया था। इसके तहत नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश दिए जाएंगे।
नर्सरी कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश होगा, जबकि अन्य कक्षाओं में खाली सीटों के आधार पर एडमिशन दिए जाएंगे।
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राज्य में 33 हजार से ज्यादा निजी स्कूल
यू-डाइस आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में करीब 33,548 निजी स्कूल और लगभग 70,155 सरकारी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इस तरह राज्य में कुल स्कूलों की संख्या एक लाख से अधिक है।
20 फरवरी से शुरू हुए थे आवेदन
शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई थी। अब लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित विद्यार्थियों के एडमिशन की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फीस भुगतान को लेकर निजी स्कूलों में नाराजगी
इस बीच निजी स्कूल संचालकों ने सरकार पर फीस का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। बीकानेर प्राइवेट स्कूल क्लब के अध्यक्ष मनोज व्यास का कहना है कि नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की फीस का भुगतान सरकार की ओर से नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब यह योजना सरकार की है, तो फीस का भुगतान भी सरकार को ही करना चाहिए।
फर्जी दस्तावेज लगाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
शिक्षा विभाग ने इस बार आवेदन प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज लगाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन को ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार दिया गया है। इसी कारण आवेदन के दौरान पैन कार्ड धारकों से पैन नंबर भी मांगा गया है। यदि आय प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है तो संबंधित अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बीकानेर में भी बड़ी संख्या में आवेदन
बीकानेर जिले में भी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए हजारों अभिभावकों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। लॉटरी के बाद चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

